सर, हवालात और जेल में क्या अंतर होता है? कोई अपराधी पकड़ा जाता है तो उसे कहां बंद किया जाता है? एसएचओ का क्या काम होता है और मुंशी की क्या जिम्मेदारी है? ज्ञान गंगा सीनियर सेकंडरी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने चांदनी बाग थाने में पहुंचकर थाने में तैनात एसआई गौरव सिंह और आकाश से एक के बाद एक कई सवाल किए। दोनों ने न केवल उनके सवालों के जवाब दिए, बल्कि उन्हें साइबर क्राइम, नशे के खिलाफ भी जागरूक किया। शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से दोस्त पुलिस कार्यक्रम के तहत ज्ञान गंगा सीनियर सेकंडरी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने चांदनी बाग थाने का भ्रमण किया। थाने में पहुंचते ही छात्रों के मन में पुलिस की कार्यप्रणाली जानने की जिज्ञासा उत्पन्न हो गई। एसआई गौरव ने सबसे पहले उन्हें मुंशी कक्ष के बारे में बताया। जिस पर छात्रों ने पूछा की मुंशी की क्या जिम्मेदारी होती है। एसआई ने बताया कि थाने में जो भी लिखा पढ़ी का काम होता है वह इसी कमरे में होता है। इसके साथ ही मुंशी के पास ही थाने का पूरा रिकॉर्ड रहता है। इसके बाद छात्रों ने हवालात की और इशारा कर पूछा ये जेल है क्या...। जिस पर एसआई आकाश ने बताया कि यह हवालात है। तुरंत ही दूसरे छात्र ने सवाल किया हवालात और जेल में क्या अंतर होता है। एसआई आकाश ने बताया कि जब पुलिस किसी अपराधी को पकड़ती है तो उसे थाने की हवालात में बंद करती है। यहां पर 24 घंटे से ज्यादा किसी को बंद नहीं रख सकते। इसके बाद अपराधी को कोर्ट के सामने पेश किया जाता है। कोर्ट जेल भेजने का आदेश देती है तो उसे जेल भेज दिया जाता है। जिले में एक ही जेल होती है, जहां पर सभी अपराधी बंद रहते हैं।