पानीपत। अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार को शहर सहित पूरे जिले में गणेश महोत्सव का श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश से अगले वर्ष जल्दी आने का वादा करते हुए उन्हें विदाई दी। शहर के विभिन्न पंडालों और घरों में स्थापित की गई गणेश प्रतिमाओं का दिल्ली पैरेलल नहर और यमुना नदी में पूर्ण विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। शुक्रवार को दोपहर बाद से ही श्रद्धालुओं की टोलियां गाजे-बाजे के साथ नहर और यमुना तटों की ओर रवाना होनी शुरू हो गई थीं। ढोल-नगाड़ों की थाप और डीजे पर बजते धार्मिक भजनों के बीच युवा, महिलाएं और बच्चे आबीर-गुलाल उड़ाते हुए और नाचते-गाते आगे बढ़ रहे थे। विसर्जन स्थल पर पहुंचने से पहले श्रद्धालुओं ने भव्य झांकियां निकालीं। गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ..., सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची, नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची...और देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा... समेत गीतों व भजनों के साथ नहर पर पहुंच। यहां विसर्जन से पूर्व आरती की। इसमें सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान गणेश को मोदक व फल-फूल अर्पित किए। विसर्जन के समय नम हुईं आंखें महोत्सव के दौरान पिछले कई दिनों से घरों और भव्य पंडालों में विराजमान बप्पा को जब विसर्जित करने का क्षण आया, तो माहौल अत्यंत भावुक हो उठा। जो श्रद्धालु रास्ते भर हंसते-गाते और जयकारे लगाते हुए आ रहे थे, नहर के तट पर विसर्जन के अंतिम क्षणों में वे अपने आंसू नहीं रोक पाए। नम आंखों से श्रद्धालुओं ने विघ्नहर्ता से परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना की। जीटी रोड और असंध रोड पर बना जाम, पुलिस रही सतर्क विसर्जन यात्राओं के कारण शहर के मुख्य मार्गों जीटी रोड, असंध रोड और गोहाना रोड पर दोपहर बाद से ही वाहनों का भारी दबाव देखने को मिला। असंध रोड स्थित दिल्ली पैरेलल नहर के आसपास शाम के समय स्थिति ऐसी हो गई कि पैदल निकलने तक की जगह नहीं बची। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने और यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। नहर और यमुना के सभी प्रमुख विसर्जन स्थलों पर गोताखोरों की तैनाती की गई थी और सुरक्षा एवं व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।