पटियाला के नजदीक शेरगढ़ में हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींड़ा पर हुआ हमला सिख कौम की संस्थाओं पर सीधा हमला है। अकाल पंथक मोर्चा इस घटना की कड़ी निंदा करता है और इसे एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा मानता है। अकाल पंथक मोर्चा एवं कमेटी सदस्य हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि इस हमले में बलजीत सिंह दादूवाल का नाम सामने आ रहा है, जो सरकारी सुरक्षा के सहारे इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। यह अत्यंत चिंताजनक है कि जिस व्यक्ति को सरकार द्वारा सुरक्षा प्रदान की गई है, वही उसका दुरुपयोग करते हुए कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रहा है। मोर्चा सरकार से मांग करता है कि बलजीत सिंह दादूवाल की सुरक्षा तुरंत प्रभाव से वापस ली जाए और झींडा की शिकायत के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए। दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दी जाए। हरमनप्रीत सिंह की ओर से यहां जारी बयान में कहा गया कि राज्य स्तरीय धार्मिक संस्था का प्रधान ही सुरक्षित नहीं है, तो आम सिख स्वयं को कैसे सुरक्षित महसूस करेगा। यह घटना सिख समुदाय में भय का माहौल पैदा करने की कोशिश है, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। हम पंजाब के सिखों से अपील करते हैं कि वे जागरूक हों और सच्चाई को समझें। हरियाणा में सिखों के साथ हो रहे व्यवहार से सबक लेना आवश्यक है। जो ताकतें यहां सिख संस्थाओं को कमजोर कर रही हैं, वे कल पंजाब में भी यही नीति लागू करने से नहीं हिचकिचाएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई और दादूवाल की सुरक्षा वापस नहीं ली गई, तो जल्द ही एक बड़ा लोकतांत्रिक संघर्ष शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कार्यकारिणी सदस्य कुलदीप सिंह मुल्तानी ने भी कहा कि यह बहुत ही निंदनीय घटना है। उन्होंने कहा कि भले ही हमारे राजनीतिक मतभेद हो, लेकिन किसी पर जानलेवा हमला करना किसी भी सूरत में सही नहीं है।