एंटी टेररिस्ट फ्रंट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एमएस बिट्टा ने कनाडा में भारतीय तिरंगे के अपमान और पाकिस्तान की हरकतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक पाकिस्तान अपनी गलतियां स्वीकार नहीं करता और सुधार नहीं करता, तब तक उसके साथ कोई क्रिकेट मैच नहीं खेला जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की गरिमा और सम्मान सर्वोपरि है। शनिवार देर शाम करनाल में एक निजी कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में बिट्टा ने कनाडा में भारतीय तिरंगे के अपमान को असहनीय बताया। उन्होंने कहा, "देश पहले, इसके बाद कुछ और। तिरंगे का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।" हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो का जिक्र करते हुए, जिसमें कनाडा में भारतीयों को कथित तौर पर अपमानित किया गया, बिट्टा ने इसे शर्मनाक करार दिया। उन्होंने पहलगाम में हुई आतंकी घटना पर भी दुख जताया और कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार की कहीं न कहीं चूक रही, जिसके कारण यह घटना हुई। हालांकि, उन्होंने भारतीय सेना की तारीफ करते हुए कहा कि भारत ने हर बार की तरह इस बार भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। बिट्टा ने संसद में ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिकी टैरिफ जैसे मुद्दों पर विपक्षी दलों की बहस की आलोचना की और कहा, "सभी राजनीतिक दलों को देश के साथ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। जो लोग सेना पर सवाल उठाते हैं, उन्हें बॉर्डर पर जाकर सैनिकों की स्थिति देखनी चाहिए। वहां गोली के साये में जिंदगी का अहसास होगा, तब वे पाकिस्तान का नाम तक भूल जाएंगे।" बिट्टा ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के संदर्भ में भी पाकिस्तान की मेजबानी पर सवाल उठाए। उन्होंने गद्दाफी स्टेडियम में तिरंगे को उल्टा फहराए जाने की घटना का जिक्र किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बवाल मचा था। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें पाकिस्तान की मंशा को दर्शाती हैं, और जब तक वह अपनी गलतियां नहीं सुधारता, भारत को उसके साथ कोई खेल संबंध नहीं रखना चाहिए।