संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को जिले के विभिन्न किसान संगठनों ने हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे स्थित तितरम मोड़ के नीचे एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शन में करीब 200 से अधिक किसानों ने भाग लिया। शनिवार सुबह करीब 11 बजे से ही जिले के अलग-अलग गांवों से किसान तितरम मोड़ पर पहुंचने शुरू हो गए थे। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गेट पास और बायोमेट्रिक प्रणाली को समाप्त करने की मांग उठाई। इसके साथ ही किसानों ने नए खरीद नियमों को तुरंत वापस लेने और पहले की तरह गेहूं की खरीद व्यवस्था बहाल करने की भी मांग की। प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं का कहना था कि एक ओर किसान मौसम की मार झेल रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार नई-नई प्रक्रियाएं लागू कर उन्हें कागजी कार्यवाही में उलझा रही है। भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के राज्य प्रधान कंवरजीत सिंह चीका, एकता सिद्धपुर के प्रधान गुरनाम सहारण, महाबीर चहल नरड़, जसबीर सिंह, सतपाल, धर्मपाल और भगवान दास सहित कई किसान नेताओं ने कहा कि लंबे समय से किसान इन समस्याओं को झेल रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। मजबूर होकर अब किसानों को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है। किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही गेट पास और बायोमेट्रिक प्रणाली को बंद कर पुराने खरीद नियम बहाल नहीं किए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।