जींद। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के रेल प्रबंधक (डीआरएम) पुष्पेश रमन त्रिपाठी शुक्रवार को जींद पहुंचे और रेलवे स्टेशन सहित हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना का निरीक्षण किया। डीआरएम ने अपने दौरे की शुरुआत रेलवे स्टेशन के नवनिर्मित स्टेशन भवन से की। इसके बाद उन्होंने हाइड्रोजन प्लांट में भी निरीक्षण किया। पत्रकार वार्ता के दौरान डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने कहा कि अभी ट्रायल काफी एडवांस स्टेज पर है। स्पीड ट्रायल सोनीपत से जींद सेक्शन में हाे चुका है, जबकि अन्य सेक्शन में ट्रायल जारी है।प्रयास है कि ट्रायल जल्द से जल्द पूरा किया जाए और निकट भविष्य में ट्रायल जैसे ही पूरे हो जाएंगे तो स्वीकृति मिलने के बाद ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उद्घाटन को लेकर अभी कोई शेड्यूल नहीं आया है और न ही अभी कोई संभावित तारीख तय हुई है। हो सकता है कि निकट भविष्य में इसका उद्घाटन हो सके तो इसके लिए निरीक्षण किया गया। उद्घाटन कौन करेगा, यह सरकार देखी, जहां तक रेलवे का काम वह अपना काम सुचारू रूप से कर रहे हैं। ताकि जब भी उद्घाटन की तारीख तय हो तो ट्रेन चलाई जा सके। डीआरएम ने कहा कि जंक्शन और हाइड्रोजन प्लांट के निरीक्षण के दौरान छोटी-मोटी कमियां तो कही भी मिल जाती हैं।उन्होंने कहा कि अमृत भारत योजना के तहत जींद जंक्शन की काफी अच्छी बिल्डिंग बनकर तैयार हुई है।हाइड्रोजन फिलिंग के लिए प्लांट भी काफी अच्छी तरीके से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि कमियां नहीं, बल्कि अच्छाइयां ज्यादा हैं। उम्मीद करते हैं कि जल्द ही ट्रेन यात्रियों के लिए चलाई जा सके। हाइड्रोजन प्लांट में गैस उत्पादन नहीं होने के सवाल पर डीआरएम ने कहा कि हाइड्रोजन प्लांट का प्रोजेक्ट एक बड़ा प्रोजेक्ट है। यह परियोजना भारत में पहली बार आ रही है। वहीं विश्व में भी गिने-चुने देशों में ही हाइड्रोजन ट्रेन चल रही हैं।इन परियाजोनाओं में थोड़ी बहुत खामियां आती हैं, जिन्हें दूर किया जा रहा है।