झज्जर हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा, जिला झज्जर के आह्वान पर बिजली कर्मचारियों ने निजीकरण व अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल रखी। इसके चलते जिले के कई गांवों और आधे शहर में 24 घंटे से लाइट गुल रही। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों, बिजली क्षेत्र में निजीकरण की प्रक्रिया तथा कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर अपना रोष व्यक्त किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ए एच पी सी प्रधान रामदर्शन कौशिक, एच एस ई बी प्रधान लोकेश शर्मा एवं अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ झज्जर के जिला सचिव चंदन सिंह द्वारा की गई। मंच का संचालन देवेंद्र पूनिया एवं संजीव छिल्लर ने किया। इस अवसर पर कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बिजली कर्मचारी दिन-रात मेहनत करके प्रदेश की जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने से कर्मचारियों के भविष्य, रोजगार की सुरक्षा तथा आम जनता को मिलने वाली बिजली सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करना उचित नहीं है।उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी अपने अधिकारों की रक्षा और जनहित में बिजली व्यवस्था को सार्वजनिक क्षेत्र में बनाए रखने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करते रहेंगे। हड़ताल में डीबीए झज्जर, किसान संयुक्त मोर्चा, रिटायर कर्मचारी संघ, सफाई कर्मचारी,मिड डे मील,सीटू, एवं अन्य ट्रेड यूनियन अभी बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी दी व समर्थन किया है। संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी कि निजीकरण को वापस नहीं किया गया तो आंदोलन को जारी रखा जाएगा। बिज़ली बाधित होने पर बिजली कर्मचारियों द्वारा ठीक नहीं किया जाएगा।