शहर के सार्वजनिक शौचालयों का रखरखाव नगर परिषद ने ठेकेदार को सौंप दिया है। ऐसे में पहले सप्ताह के सातों दिन खुलने वाले शौचालयों पर अब रविवार को ताला लटका रहता है। इस कारण स्थानीय दुकानदारों व सामान खरीदने आने वाले लोगों को परेशानी होती है। आम दिनों में भी शाम 5 बजे के बाद इस पर ताला लटका दिया जाता है। इस कारण ग्राहकों को परेशानी होती है। नगर परिषद की तरफ से शहर के दोनों प्रमुख सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत करवाने का काम किया था। लगभग 15 दिन पहले ही आम जनता के लिए इनको दोबारा खोला गया, क्योंकि ग्राहकों व दुकानदारों को परेशानी हो रही थी। नगर परिषद ने सामान भी नया लगवाया और रंग-रोगन करके बढि़या तैयार करवा दिया, लेकिन शौचालयों को रविवार को पूरा दिन व रात बंद रखा जाता है। यही नहीं आम दिनों में 5 बजे के बाद ताला लगा दिया जाता है। छिक्कारा चौक पर रेहड़ी लगाने वाले आजाद ने बताया कि पहले शौचालय सातों दिन खुला रहता था, लेकिन पहले यह सातों दिन खुला रहता था, लेकिन अब रविवार को पूरा दिन ताला लगा रहता है। शाम को भी पांच बजे के बाद बंद कर दिया जाता है। यहां पर स्टेडियम की दुकानें हैं, जो रविवार को खुलती है। आसपास अन्य मार्केट भी है। कई महिलाएं भी दुकान चला रही है। रविवार को शौचालय बंद होने के कारण परेशानी होती है। दुकानदार इसे रविवार को खोलने की मांग भी कर चुके हैं। रेहड़ी संचालक दलबीर सिंह ने बताया कि शाम बजे शौचालयों को बंद कर दिया जाता है। पहले हमारे पास इसकी चाबी होती थी तो हम इसे खोल देते थे, लेकिन अब रविवार को शौचालय नहीं खोला जाता है। इस कारण परेशानी होती है। कई दुकानों आसपास है, लेकिन इसे खोला जाना चाहिए।