पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि केंद्र सरकार का पिछले 12 वर्षों में यदि कोई सबसे निराशाजनक बजट आया है तो वह इसी वर्ष का बजट है। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों के नाम पर केवल औपचारिक चर्चा की गई है जबकि किसानों की आय बढ़ाने ,फसल के दाम और कर्ज राहत जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का बजट चुनावी गणित और दक्षिण भारत के राज्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जबकि हरियाणा को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। हरियाणा के हिस्से केवल निराशा ही आई। उन्होंने कहा कि बजट हरियाणा के लिए हीं नहीं बल्कि केरल और तमिलनाडू को छोड़कर देश के अन्य हिस्सों के लिए भी एक तरह से निराशावादी था। केंद्र की मोदी सरकार की पुरानी परंपरा रहीं है कि बजट जब भी मोदी सरकार द्वारा पेश किया जाता है, वह केवल और केवल उन्हीं राज्यों के लाभ के लिए पेश किया जाता है जहां पर चुनाव होने हो। यह कहना भी कतई गलत नहीं है कि चुनावी लाभ लेने के लिए ही मोदी सरकार अपना बजट पेश करती है। हरियाणा का युवा,किसान और अन्य वर्ग प्रदेश के लिए किसी बड़ी ठोस लाभान्वित करने वाली योजना का इंतजार कर रहा था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चौटाला ने कहा कि राखीगढ़ी के लिए की गई घोषणा नई नहीं बल्कि पुराने प्रावधान का संशोधन है। साल 2021 में भी राखीगढ़ी के लिए 500 करोड़ का बजट में प्रावधान किया गया था, लेकिन उसके रि-कॉल होने के बाद दोबारा से इस बजट में डालकर केन्द्र सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है।