होली के त्योहार को लेकर गोरखधाम एक्सप्रेस ट्रेन में सीटों के लिए जबरदस्त मारामारी देखने को मिल रही है। स्लीपर, थर्ड एसी और सेकंड एसी के डिब्बों में लंबी वेटिंग लिस्ट यात्रियों की परेशानी को और बढ़ा रही है। सोमवार को बठिंडा से हिसार पहुंची ट्रेन में चढ़ने के लिए यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की देखी गई। प्लेटफार्म नंबर-1 पर जैसे ही ट्रेन पहुंची, यात्रियों में चढ़ने के लिए अफरा-तफरी मच गई। हालात यह थे कि जितने यात्री हिसार स्टेशन पर उतरे, उससे कई गुना ज्यादा यात्री चढ़ने के लिए बेताब नजर आए। ट्रेन के सामान्य डिब्बों में तो खड़े होने की भी जगह नहीं थी। कई यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर खिड़की और पायदान से ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करते दिखाई दिए। ऐसे में अगर कोई हादसा होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा, यह सवाल यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सोमवार को गोरखधाम एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या क्षमता से कहीं अधिक थी। ट्रेन के सामान्य डिब्बे पूरी तरह से भरे हुए थे। यात्रियों को बैठने की जगह तो दूर, खड़े होने तक की जगह नहीं मिल रही थी। हालत यह थी कि कुछ यात्री ट्रेन से गिरने से बचने के लिए दरवाजे पर कपड़ा बांधकर खड़े थे। वहीं, कुछ यात्री खिड़की से अंदर जाने की कोशिश करते दिखे। हिसार से गोरखपुर के लिए चलने वाली यह ट्रेन होली के मौके पर सबसे ज्यादा व्यस्त रहती है। यात्रियों का कहना है कि होली से तीन महीने पहले ही बुकिंग फुल हो गई थी। बावजूद इसके सामान्य डिब्बों में सीटों की भारी कमी के चलते यात्री दरवाजे और खिड़कियों पर लटकर सफर करने को मजबूर हैं। हालात इतने खराब थे कि कई यात्री शौचालय के अंदर खड़े होकर सफर करते नजर आए। रेलवे द्वारा ट्रेन में सामान्य डिब्बे कम लगाए जाने के कारण यह स्थिति बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, गोरखधाम एक्सप्रेस में सामान्य के केवल पांच डिब्बे लगे हुए हैं, जोकि यात्रियों की संख्या के अनुसार बहुत कम हैं। यात्रियों का कहना है कि वह कई बार रेलवे से इस ट्रेन में अतिरिक्त डिब्बे जोड़ने की मांग कर चुके हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन ने अब तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। सोमवार को ट्रेन के हर डिब्बे में यात्रियों की भीड़ ठसाठस भरी हुई थी। यात्रियों का कहना है कि अगर रेलवे ने इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। कई यात्री ट्रेन के पायदान पर खड़े होकर यात्रा कर रहे थे, जबकि कुछ खिड़की से अंदर घुसने की कोशिश करते नजर आए। वहीं, कुछ यात्री ट्रेन के दरवाजे के पास कपड़ा बांधकर खुद को गिरने से बचाने का प्रयास कर रहे थे। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि होली जैसे बड़े त्योहारों पर गोरखधाम एक्सप्रेस में सामान्य डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाए। ताकि आम आदमी को सुरक्षित सफर करने का मौका मिल सके। रेलवे अधिकारी का बयान इस मामले पर रेलवे अधिकारियों का कहना है कि होली के कारण यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है। ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलवे स्टाफ को तैनात किया गया है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही अतिरिक्त बोगियां जोड़ने पर विचार किया जाएगा।