हिसार। एचएयू में आंदोलनकारी छात्राओं के लिए पहले छात्रावास का मैस बंद कर देने के बाद शनिवार को छात्राओं के छात्रावास के अंदर प्रवेश करने पर भी रोक लगा दी। जिसके बाद छात्राओं ने शनिवार शाम छात्रावास के बाहर ही धरना देकर विरोध जताया। छात्राओं ने कुलपति के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। छात्राओं ने कहा कि कुलपति पूरी तरह से तानाशाही रवैये पर उतर आए हैं। महिला आयोग को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए किस तरह से बेटियों को रात के समय सड़कों पर बैठने को मजबूर किया जा रहा है। एचएयू के आंदोलनकारी विद्यार्थियों के लिए वीरवार से छात्रावास में खाने के मैस बंद कर दिए गए थे। जिसके बाद विद्यार्थियों ने एचएयू गेट नंबर धरना स्थल पर ही लंगर शुरु कर दिया था। जिसके बाद छात्राएं रोजाना धरना स्थल पर खाना खाने के बाद हास्टल जाकर रहती थी। शुक्रवार को जजपा के युवा विंग प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला छात्राओं को हास्टल के गेट तक छोड़कर आए थे। शनिवार को जब छात्राएं शाम के समय धरना स्थल पर खाना खाने के बाद हास्टल में जाने लगी तो उनको गेट पर ही रोक दिया गया। छात्राओं ने रोड पर बैठ कर वहीं पर धरना शुरू कर दिया। जानकारी मिलने पर धरना स्थल से छात्र भी वहां पहुंचे। विद्यार्थियों ने छात्रावास के बाहर एकत्र होकर कुलपति के खिलाफ आक्रोश जताया। जानकारी मिलने पर इनेलो महिला नेता संजना सातरोड़ उनका साथ देने पहुंची। करीब आधे घंटे बाद छात्राओं को अंदर प्रवेश दे दिया गया।