हिसार- सिरसा नेशनल हाईवे नंबर 9 पर लांधड़ी- चिकनवास टोल प्लाजा पर जाम लगाए जाने से चलते हजारों वाहन चालकों को परेशानी सहनी पड़ी। जिसमें रोडवेज की 40 से अधिक बसों को डार्यवट किए गए रूट को अपनाना पड़ा। सुबह 11बजे जाम की सूचना के बाद कई रोडवेज बस चालकों ने बसों को हाईवे पर ही खड़ा कर दिया। यात्री करीब दो घंटे तक बस में फसे रहे। रोडवेज प्रशासन की ओर से बसों को डायवर्ट रूट पर ले जाने का आदेश नहीं था। दूसरे जिलों से आई रोडवेज बसों के चालक दुविधा में फस गए। यह रोडवेज बसों को बरवाला-अग्रोहा होते हुए लेकर जाएं तो वहां एक अतिरिक्त टोल चुकाने के साथ 30 से 35 किलोमीटर अतिरिक्त लंबा चक्कर लगाना पड़ता। गांव के अंदरुनी सड़कों से बसों को निकालने पर बस जाम में फसने का खतरा था। चालक परिचालकों ने आदेश न होने के चलते बसों को हाईवे पर ही रोक लिया। जाम खुलने के इंतजार में यात्रियों को सड़क पर ही इंतजार करना पड़ा। पुलिस ने लगाए नाके पुलिस की ओर से वाहनों को डायवर्ट करने के लिए अग्रोहा में चौक पर नाका लगाया गया। वाहन चालकों को हाईवे की बजाए बरवाला होते हुए हिसार भेजा गया। निजी वाहन गांवों के रास्तों से भी निकले। हिसार में गांव ढंढूर के पास डायवर्जन दिया गया था। वाहन चालकों को बरवाला होते हुए अग्रोहा के लिए भेजा जा रहा था। 9.5 लाख राजस्व का नुकसान टोल कंपनियों ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी को एक रिपोर्ट भेजी है। जिसमें उन्होंने बताया कि शनिवार को सुबह 11बज से 3 बजे तक मय्यड़- रामायण टोल प्लाजा बंद कराए जाने से 5 लाख रुपये का राजस्व का नुकसान हुआ। लांधड़ी टोल प्लाजा पर जाम लगाए जाने के चलते 4.5 लाख रुपये का राजस्व का नुकसान हुआ। इस नुकसान की भरपाई कराई जाए।