चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में आयोजित दो दिवसीय कृषि मेला (खरीफ) मंगलवार को संपन्न हो गया। इस मेले में हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से 70 हजार से अधिक किसान पहुंचे, जिसमें से 40 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि एचएयू के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने कहा कि कृषि क्षेत्र में उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, वर्मी कम्पोस्टिंग, बागवानी, चारा उत्पादन, नर्सरी, बीज उत्पादन, मछली पालन और बेकरी जैसे कृषि उद्यमों को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में एग्री-बिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से किसानों, युवाओं और उद्यमियों को 4 से 25 लाख रुपये तक की अनुदान राशि प्रदान की जाती है। अब तक 250 इंक्यूबेटर्स को प्रशिक्षण एवं सहयोग दिया जा चुका है, जिनमें से 65 बेस्ट इंक्यूबेटर्स को 8 करोड़ रुपये से अधिक की स्टार्टअप ग्रांट दी गई है। कृषि मेले में 258 स्टालें और 35 लाख की बिक्री किसानों को नवीनतम तकनीकों, उन्नत बीजों एवं कृषि उपकरणों की जानकारी देने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र की 258 कंपनियों ने स्टाल लगाए। इसके अलावा, 23 स्टाल उद्यमी किसानों द्वारा लगाए गए। 1. पहले दिन 46 हजार किसानों ने शिरकत की, जबकि दूसरे दिन 24 हजार से अधिक किसान पहुंचे। 2. 31 लाख 26 हजार रुपये के उन्नत बीजों की बिक्री हुई। 3. 2 लाख 67 हजार रुपये के सब्जी और बागवानी फसलों के बीज बिके। 4. 52,800 रुपये के टिशू कल्चर पौधे किसानों ने खरीदे। 5. 200 से अधिक किसानों ने मिट्टी और पानी जांच सेवा का लाभ उठाया। कृषि-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम और पुस्तक विमोचन मेले में कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं का समाधान दिया। इसके अलावा, कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने तीन पुस्तकों का विमोचन कर संबंधित विभागों के वैज्ञानिकों को बधाई दी। कृषि मेले में किसानों की भारी भागीदारी से साफ है कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों और उद्यमिता की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इस आयोजन से न केवल किसानों को नई तकनीकों की जानकारी मिली, बल्कि उन्होंने उन्नत कृषि उत्पादों की खरीदारी भी की।