बदले मौसम ने किसानों को डरा दिया। शुक्रवार दोपहर बाद आसमान में उमड़े काले बादलों को देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखीं। मंडी में किसानों की फसलें खुले आसमान के नीचे हैं। इस समय जरा सी बारिश भी किसानों को काफी नुकसान देगी। बारिश या ओलावृष्टि से मंडियों में पड़ी फसल खराब हो जाएगी । खेतों में कटाई के लिए तैयार फसल को भी बारिश ने नुकसान ही होगा। जिले में अब तक 26814 मीट्रिक टन सरसों की खरीद हो चुकी है। जिसमें 22531 मीट्रिक टन का उठान हो गया है। करीब 4 हजार मीट्रिक टन की उठान बकाया है। 30671 एमटी गेहूं की आवक हुई है। जिसमें केवल 418 एमटी की ही उठान हो सकी है।