अनाज मंडी में धान की खरीद समय पर शुरू न होने से नाराज किसानों ने शनिवार को रतिया-फतेहाबाद रोड जाम कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि हरियाणा वेयर हाउस की ड्यूटी होने के बावजूद दोपहर तक खरीद शुरू नहीं की गई, जिससे मंडी में आई हजारों क्विंटल धान खुले में पड़ी है। इनेलो नेता कुणाल के अनुसार सुबह से ही किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रालियों में धान लेकर मंडी में पहुंचे थे, लेकिन 11:45 बजे तक वेयर हाउस का कोई कर्मचारी खरीद के लिए नहीं पहुंचा। इससे गुस्साए किसानों ने इनेलो नेता के नेतृत्व में मंडी के बाहर मुख्य मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्राली लगाकर जाम लगा दिया। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इनेलो नेता कुणाल कर्ण अपनी टीम के साथ किसानों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। कुणाल कर्ण ने कहा कि प्रदेश में किसान विरोधी सरकार बैठी है। मंडी में मॉइश्चर के नाम पर 200 से 400 रुपये की कटौती की जा रही है, वहीं गेहूं का दाम सिर्फ 25 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर मजाक किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टोहाना मंडी में सवा लाख टन धान की आवक हो चुकी है, लेकिन अब तक 36 हजार टन ही बिकी है और 5 फीसदी भी उठान नहीं हुआ। सरकार और मिलर्स के बीच तालमेल न होने से किसान परेशान है। उधर, वेयर हाउस मैनेजर संजय हुड्डा ने बताया कि मिलों के एग्रीमेंट वेरिफिकेशन, जियो फेंसिंग और ऑनलाइन अपडेट की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है। तापमान अधिक होने से सुबह नमी की जांच सही नहीं आती, इसलिए दोपहर बाद खरीद की जाती है। जाम की सूचना पर मैनेजर संजय हुड्डा मौके पर पहुंचे और किसानों को खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया। करीब 20 मिनट बाद किसानों ने जाम खोल दिया और मंडी में धान की खरीद दोबारा शुरू हो सकी।