फतेहाबाद में बठिंडा टीम द्वारा स्थानीय लघु सचिवालय परिसर में भूकंप और आगजनी की मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप की स्थिति बनने से इमारत में फंसे लोगों को रस्सी के सहारे एनडीआरएफ की टीम द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया। भूकंप का पैमाना 6.6 रियेक्टर मापा गया। इंसीडेंट कमांडर की भूमिका के रूप में अतिरिक्त उपायुक्त राहुल मोदी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि एनडीआरएफ की टीम द्वारा जिला में लोगों को प्राकृतिक आपदा के बचाव के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसी के चलते शुक्रवार को लघु सचिवालय में भूकंप और आगजनी की मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। दोपहर 12 बजे भूकंप के आने का सायरन बजा। सायरन के बजते ही लघु सचिवालय में कार्यरत कर्मचारी अपने आप को बचाने के लिए ऑफिस में स्टूल/मेज के नीचे छिपाते नजर आए। भूकंप की सूचना जिला प्रशासन व एनडीआरएफ की टीम को दी गई। एनडीआरएफ की टीम व जिला प्रशासन के अधिकारी तुरंत लघु सचिवालय में पहुंचे और बचाव कार्य में लगे। एनडीआरएफ के टीम लीडर निरीक्षक संदीप कुमार ने बचाव कार्य के दौरान कहा कि बिल्डिंग से बाहर आते वक्त किसी तरह की भगदड़ न बचाएं और सीढिय़ों से ही बाहर आएं। इसके बाद एनडीआरएफ टीम के अलावा होमगार्ड व एसडीआएएफ के जवान लघु सचिवालय में अंदर पहुंचे और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ घायल लोगों को स्ट्रेचर पर बाहर लाया गया और कुछ को एनडीआरएफ के जवानों द्वारा हाथों पर बैठाकर लाया गया। घायलों का उपचार वहीं पर स्थापित की गई मेडिकल पोस्ट में करवाया गया, जिसमें रेडक्रॉस के वॉलिंटियर्स ने भी अह्म भूमिका निभाई। सेक्टर तीन में पोलिक्लीनिक को अलर्ट पर रखा गया और गंभीर घायलों को उपचार के लिए वहां रेफर किया गया।