साहा । हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने साहा में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए पार्टी के नेताओं को निशाने पर लिया। उन्होंने अंबाला से कांग्रेस सांसद वरुण मुलाना द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंके जाने को लेकर सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस नेताओं को विकास कार्यों के समय भी जनता के बीच मौजूद रहना चाहिए। बेदी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर कांग्रेस नेताओं की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को नायब सैनी के नाम का फोबिया हो गया है और आने वाले लंबे समय तक उन्हें इससे जूझना पड़ेगा। मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को यह बताना चाहिए कि वे क्षेत्र में विकास कार्यों के दौरान कितने सक्रिय रहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब विकास कार्यों की बात आती है, तब विधायक और सांसद नजर नहीं आते, लेकिन विरोध प्रदर्शन और पुतले फूंकने के लिए पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपने खिलाफ लगने वाले गुमशुदगी के पोस्टरों पर भी ध्यान देना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने वालों को दी चुनौती कांग्रेस सांसद वरुण मुलाना की ओर से चुनाव आयोग को लेकर उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कृष्ण बेदी ने कहा कि अगर कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर किसी प्रकार का संदेह है, तो उसके नेताओं को अपने पदों से इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़कर देखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी होती, तो क्या वरुण मुलाना सांसद और पूजा मुलाना विधायक बन पातीं? बेदी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का फैसला महत्वपूर्ण होता है और कांग्रेस को चुनाव परिणामों पर सवाल उठाने के बजाय जनता के बीच जाकर काम करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर आपसी मतभेद बढ़ रहे हैं और उसके नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। नायब सैनी के चेहरे पर तीसरी बार बनी सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के लगातार दौरों और उनकी उपलब्धता को लेकर वरुण मुलाना की टिप्पणी पर कृष्ण बेदी ने कहा कि भाजपा ने नायब सैनी के चेहरे पर तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाई है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने भाजपा को प्रचंड बहुमत देकर सरकार बनाने का अवसर दिया है। बेदी ने कहा कि नायब सैनी आम लोगों के बीच से उठकर आए नेता हैं और वे किसी राजनीतिक परिवार की विरासत के कारण मुख्यमंत्री नहीं बने। उन्होंने वरुण मुलाना और पूजा मुलाना पर भी परिवार के राजनीतिक प्रभाव को लेकर टिप्पणी की। बेदी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाने से पहले अपनी राजनीतिक भूमिका और जनता के प्रति जवाबदेही पर भी ध्यान देना चाहिए। भूपेंद्र हुड्डा पर भी साधा निशाना कृष्ण बेदी ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हुड्डा को पंजाब में राजनीतिक समर्थन नहीं मिल रहा और दिल्ली में भी कांग्रेस के भीतर उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बेदी ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति देशभर में कमजोर हुई है और पार्टी के भीतर गुटबाजी सामने आ रही है। उन्होंने वरुण मुलाना को पंजाब जाने से किसी के रोकने की बात को खारिज करते हुए कहा कि वे जहां चाहें, वहां जा सकते हैं। मंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी की राजनीतिक कहानी अब समाप्त होने की ओर है और उसे अपनी स्थिति पर आत्ममंथन करना चाहिए।