मऊरानीपुर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बुधवार को संत मैरीज इंटर कॉलेज मढ़ा में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों को साइबर अपराधों, डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी और यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में पुलिस क्षेत्राधिकारी रत्नेश सिंह ने तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट के मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने टेलीविजन पर वीडियो दिखाकर विद्यार्थियों को इस तरह की ठगी के तौर-तरीकों और उनसे बचने के उपाय बताए। साइबर सेल प्रभारी कौशल कुमार ने विद्यार्थियों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने और सोशल मीडिया पर अपरिचित लोगों से बातचीत करने या निजी जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि मोबाइल हैक होने पर साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही प्रमाणित सरकारी वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें। यातायात प्रभारी प्रेमपाल ने प्रेरक कहानी के माध्यम से समझाया कि केवल जानकारी होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे अपने व्यवहार में उतारना भी जरूरी है। उन्होंने नाबालिगों के वाहन चलाने के दुष्परिणाम बताए। साथ ही हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल न करने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों से खुद यातायात नियमों का पालन करने और परिवार व समाज को भी जागरूक करने को कहा। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य फादर रिचर्ड, सिस्टर डेजी, अतिरिक्त निरीक्षक इंद्रपाल सरोज, मिशन शक्ति की महिला कांस्टेबल गजल और कृतिका उपस्थित रहीं। विद्यार्थियों के सवाल, पुलिस के जवाब सवाल : मोबाइल हैक होने पर क्या करें? जवाब : मोबाइल हैक होने पर फोटो और निजी डेटा चोरी होने का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। सवाल : साइबर ठगी होने पर तुरंत क्या कदम उठाएं? जवाब : ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा परिजनों को भी इसकी जानकारी दें। समय रहते शिकायत करने पर ठगी की रकम को होल्ड कराने में मदद मिल सकती है। सवाल : सोशल मीडिया इस्तेमाल करते समय क्या सावधानी बरतें? जवाब : अनजान लोगों को सोशल मीडिया पर दोस्त न बनाएं। अपनी फोटो, वीडियो, निजी जानकारी और पासवर्ड किसी से साझा न करें। एप्लीकेशन हमेशा गूगल प्ले स्टोर जैसे आधिकारिक माध्यम से ही डाउनलोड करें। सवाल : स्कूल आते-जाते समय कोई पीछा करे या परेशान करे तो क्या करें? जवाब : बिल्कुल न डरें। तुरंत अभिभावकों और पुलिस को इसकी जानकारी दें। पुलिस पीड़ित की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखती है। सवाल : सरकारी और फर्जी वेबसाइट की पहचान कैसे करें? जवाब : सरकारी वेबसाइट के अंत में .gov.in लिखा होता है। किसी भी सरकारी काम के लिए वेबसाइट की प्रमाणिकता जांचने के बाद ही उसका इस्तेमाल करें।