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Video: ग्रेटर नोएडा में जमीन विवाद के कारण अटका हवा में लटका पुल, 25 करोड़ खर्च; बजट खर्च पर उठे सवाल

Rahul Kumar Tiwari Updated Mon, 29 Jun 2026 08:33 PM IST

ग्रेटर नोएडा। मौके पर जमीन अधिग्रहित नहीं की। शायद अधिकारियों को उम्मीद रही होगी कि सरकारी संस्था को कौन जमीन के लिए मना करेगा। 25 करोड़ रुपये खर्च भी ऐसे में एप्रोच रोड और अंडरपास बनाने पर खर्च कर दिए। अब नालेज पार्क-3 में शारदा रोटरी के आगे हवा में लटका पुल जमीन का विवाद खत्म होने और अधिकारियों की बजट खर्च करने की हड़बड़ी की कहानी बयां कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में भाजपा के एक विधायक की यह जमीन है जोकि अगर मिले तो यहां निर्माण आगे पूरा किया जाए। मौके पर बनी स्थिति यह है कि शारदा रोटरी से आगे द्रोणाचार्य इंस्टीट्यूट के सामने से एलीवेटेड सेक्शन बनाने के लिए एप्रोच रोड का निर्माण करीब डेढ़ साल पहले पूरा हो चुका है। पुस्ता रोड की तरफ से आने वाला ट्रैफिक आगे जा सके या शारदा रोटरी की तरफ घूम सके। इसके लिए अंडरपास का निर्माण भी यहां कर दिया गया। प्राधिकरण के इंजीनियरों का कहना है कि यह अंडरपास इसलिए बनना जरूरी था क्योंकि भविष्य में पुस्ता रोड के ऊपर से एलीवेटेड सेक्शन गुजारने के लिए रिटेनिंग वॉल यहां बनानी पड़ती। अब अंडरपास तो बन गया लेकिन पुस्ता रोड के ऊपर से गुजरते हुए पुल और एलीवेटेड सेक्शन का काम अटक गया। इसे आगे हिंडन नदी पर सेतु निगम के बनाए नए पुल से भी जोड़ा जाना है। प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि जमीन का विवाद जल्दी ही सुलझ जाएगा। भू-स्वामी की जमीन का स्वामित्व तहसील में हस्तांतरित नहीं हो पाने की वजह से मामला फंसा हुआ है। जिला प्रशासन से भी मदद मांगी गई है जिससे इस प्रक्रिया को जल्दी पूरा किया जा सके। वहीं आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि तहसील में तकनीकी पेंच में जमीन का अधिग्रहण फंसा है। विधायक ने जिस व्यक्ति से जमीन खरीदी। उसका खुद का भी नाम तहसील में दर्ज नहीं है। तहसील के अधिकारी भी अब इसका समाधान तलाश कर रहे हैं। जिससे हवा में लटके पुल का निर्माण जल्दी पूरा कराया जा सके और लोगों को सहूलियत मिले।

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