अगर पढ़ाई खेल जैसी हो जाए, तो सीखना कितना आसान और मजेदार हो सकता है। इसी सोच को हकीकत में बदला है एमिटी विश्वविद्यालय के बीटेक थर्ड ईयर के छात्र रूद्र और उनकी टीम ने। बच्चों की जिज्ञासा, खेल के प्रति लगाव और तकनीक की समझ को जोड़ते हुए उन्होंने एक ऐसा डिवाइस तैयार किया, जिसने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में देशभर की 500 टीमों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई और टॉप-5 में जगह बनाकर ग्रैंड फाइनलिस्ट बना। एमिटी विश्वविद्यालय के बीटेक तीसरे वर्ष के छात्र रूद्र द्वारा विकसित यह डिवाइस छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए उपयोगी है। रूद्र बताते हैं कि बचपन में उनके पास ज्यादा खिलौने नहीं थे, जबकि आज बच्चों को हर दिन नया खिलौना चाहिए होता है। बिहार से आने वाले रूद्र ने यह भी महसूस किया कि वहां इंटरनेट की समस्या अक्सर बनी रहती है। इन्हीं जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह अनोखा डिवाइस डिजाइन किया।