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VIDEO : विरासत: शिंजिनी के कथक नृत्य ने बांधा समा, तालियों से गूंजा विरासत का पंडाल

रेनू सकलानी Updated Tue, 22 Oct 2024 02:34 PM IST

दून में चल रहे विरासत महोत्सव में सातवे दिन कथक नृत्यांगना शिंजिनी ने अपनी कथक प्रस्तुति से समा बंधा। शिंजिनी की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वही दिन में छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। विरासत महोत्सव में कथक उस्ताद पंडित बिरजू महाराज की पोती शिंजिनी कुलकर्णी ने मनमोहक कथक प्रस्तुति दी। उन्होंने अपने गायन की शुरुआत 'चार ताल' में शिव आराधना से की। इसके बाद कथक की जटिल लय और सुंदरता की प्रस्तुति के साथ तराना गाया। इन्होंने राग दरबारी में एक भावपूर्ण अभिनय के साथ अपनी प्रस्तुति का समापन किया। इससे पहले छात्राओं ने सांस्कृतिक नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी। वहीं महोत्सव में जौनसारी लोक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। इसमें जौनसारी संस्था 'गांव का रिवाज, के नायक गंभीर भारती ने अपनी सांस्कृतिक टीम के साथ आकर्षक लोक संगीत और नृत्य प्रस्तुत किया। महासू वंदना के साथ 'गांव का रिवाज़' जौनसारी संस्था की ओर से दी गई प्रस्तुति ने सभी का मन मोहा। इसके बाद ओंकार दादरकर ने अपने हिंदुस्तानी गायन प्रदर्शन की शुरुआत "राह यमन माई बड़ा ख़याल" से की। उन्होंने एरी लाल मील की आकर्षक प्रस्तुति दी।

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