मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत कोंडागांव जिले में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट के बंद होने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन ने दोनों मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन बंद होने पर चिंता जताते हुए सरकार से सेवा तत्काल बहाल करने की मांग की है।
देवांगन ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए काफी उपयोगी थी। मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गली-मोहल्लों और बस्तियों तक पहुंचती थी, जिससे लोगों को अस्पताल जाए बिना उनके नजदीक ही प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल जाती थीं।
कांग्रेस नेता के मुताबिक, कोंडागांव जिले में संचालित दोनों मोबाइल मेडिकल यूनिट में एमबीबीएस डॉक्टर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और ड्राइवर सहित पूरी टीम तैनात रहती थी। योजना के तहत मरीजों को 41 प्रकार की जांच नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती थी, जबकि करीब 170 प्रकार की दवाइयां मुफ्त दी जाती थीं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस सुविधा के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को उनके घर के आसपास ही जांच और दवाइयां उपलब्ध हो रही थीं, तो कोंडागांव में दोनों यूनिट का संचालन किस वजह से बंद किया गया। उन्होंने सरकार से सेवा बंद होने के प्रशासनिक और संचालन संबंधी कारण सार्वजनिक करने की मांग की।
देवांगन का कहना है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट का बंद होना केवल दो वाहनों का संचालन रुकना नहीं है, बल्कि उन परिवारों की स्वास्थ्य सुविधा प्रभावित होना है, जो निजी अस्पतालों में इलाज और महंगी जांच का खर्च उठाने की स्थिति में नहीं हैं।
उन्होंने भाजपा सरकार से दोनों मोबाइल मेडिकल यूनिट को तत्काल दोबारा शुरू करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द सेवा बहाल नहीं की गई तो कांग्रेस गरीब और जरूरतमंद परिवारों के मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।