बलरामपुर जिले के कन्हर नदी के तेज बहाव के बीच अचानक जलस्तर बढ़ने से एक ही परिवार के तीन सदस्य नदी के बीच बने टापू पर फंस गए। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और नगर सेना की संयुक्त टीम ने करीब 5 घंटे तक साहसिक रेस्क्यू अभियान चलाया। तेज बहाव और अंधेरे के बीच जवानों ने मोटरबोट की मदद से आधी रात तीनों ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
शॉर्टकट रास्ता बना मुसीबत
घटना ग्राम कोटरी के रहने वाले सरजू राम (60), राजकुमारी (55) और फूलमनिया (35) से जुड़ी है। तीनों बलरामपुर बाजार से सामान खरीदकर वापस गांव लौट रहे थे। जल्दी घर पहुंचने के लिए उन्होंने कन्हर नदी से होकर जाने वाला शॉर्टकट रास्ता चुना। नदी पार करने के दौरान अचानक ऊपर से पानी का बहाव बढ़ गया। तेज धार को देखकर तीनों घबरा गए और खुद को सुरक्षित रखने के लिए नदी के बीच बने एक टापू पर चढ़ गए।
शाम 6:30 बजे मिली सूचना
घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को शाम करीब 6:30 बजे मिली। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और पुलिस, तहसील प्रशासन तथा नगर सेना की संयुक्त टीम को मौके के लिए रवाना किया गया। तेज बहाव और अंधेरा होने के बावजूद टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू की तैयारी शुरू की।
मोटरबोट से पहुंचे जवान, आधी रात हुआ रेस्क्यू
रेस्क्यू अभियान की कमान तहसीलदार, थाना प्रभारी, बाढ़ बचाव दल प्रभारी अखिलेश कुमार, उप निरीक्षक धर्मजीत नेताम और नगर सेना के मेजर के नेतृत्व में संभाली गई। मोटरबोट के जरिए जवान तेज धारा के बीच से टापू तक पहुंचे और तीनों ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की। करीब रात 11:45 बजे तीनों को सकुशल किनारे लाया गया।
रेस्क्यू के बाद तीनों ग्रामीणों को सुरक्षित देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव और ग्रामीणों ने बचाव टीम की त्वरित कार्रवाई और साहस की सराहना की।
प्रशासन ने जारी की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के दौरान उफनती नदियों, नालों और रपटों को पार करने का जोखिम न लें। जलस्तर बढ़ने पर शॉर्टकट के लिए नदी या रपट पार करना जानलेवा हो सकता है। किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 या जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष 07831-273002 पर संपर्क करने की अपील की गई है।