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केंद्र सरकार ने शुरू की बजट की तैयारी,प्री बजट की मीटिंग्स 12 अक्टूबर से 13 नवंबर तक होगी!

Thu, 24 Sep 2026 01:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय बजट 2027-28 की तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए बजट-पूर्व बैठकों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की बजट शाखा ने बजट 2027-28 से संबंधित दस्तावेज और प्रक्रियाएं जारी करना शुरू कर दिया है। विभाग के अनुसार, विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बजट से जुड़े प्रावधानों को अंतिम रूप देने के लिए प्री-बजट बैठकों का आयोजन बजट प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बजट-पूर्व बैठकों की एक महीने से अधिक लंबी श्रृंखला 12 अक्तूबर से 13 नवंबर 2026 तक चलेगी। इन बैठकों में वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ उनके संशोधित अनुमान (RE) 2026-27 तथा बजट अनुमान (BE) 2027-28 पर चर्चा करेगा। बैठकों की अध्यक्षता व्यय सचिव द्वारा की जाएगी। सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों को अपनी आवश्यक वित्तीय जानकारी और प्रस्ताव निर्धारित समयसीमा में उपलब्ध कराने होंगे, ताकि अगले वित्त वर्ष के खर्च और योजनाओं का आकलन किया जा सके।

बजट अनुमान तैयार करने की प्रक्रिया में मंत्रालयों से प्राप्त मांगों, पिछले वर्ष के खर्च, योजनाओं की प्रगति और आगामी वित्त वर्ष की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखा जाता है। प्री-बजट बैठकें इसी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बैठकें पूरी होने के बाद 2027-28 के बजट अनुमानों को अनंतिम रूप दिया जाएगा और आगे की बजट प्रक्रिया के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा इन्हें समेकित किया जाएगा। वित्त मंत्रालय की बजट शाखा की जिम्मेदारियों में मंत्रालयों और विभागों के RE तथा BE को अंतिम रूप देने के लिए प्री-बजट बैठकों का कार्यक्रम तय करना भी शामिल है। 

केंद्रीय बजट 2027-28 की संभावित प्रस्तुति 1 फरवरी 2027 को हो सकती है। हालांकि अंतिम कार्यक्रम संसद के आधिकारिक कैलेंडर और सरकार की घोषणा के अनुसार स्पष्ट होगा। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किया था। उस बजट में सरकार ने आर्थिक वृद्धि को गति देने, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने तथा वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच अर्थव्यवस्था को अधिक लचीला बनाने पर जोर दिया था। 

2027-28 का बजट तैयार करते समय सरकार के सामने घरेलू जरूरतों के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को संतुलित करने की चुनौती होगी। कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं में संभावित उतार-चढ़ाव का असर भारत के आयात बिल, महंगाई और राजकोषीय स्थिति पर पड़ सकता है। ऐसे माहौल में सरकार को विकास खर्च, बुनियादी ढांचे, सामाजिक योजनाओं और राजकोषीय अनुशासन के बीच संतुलन साधने की जरूरत होगी। 2026-27 के बजट में भी सरकार ने वैश्विक अस्थिरता के बीच आर्थिक लचीलापन और सार्वजनिक निवेश को महत्वपूर्ण प्राथमिकता बताया था। 

इस प्रकार, अक्तूबर-नवंबर में होने वाली बजट-पूर्व बैठकें 2027-28 के केंद्रीय बजट की दिशा तय करने वाली शुरुआती महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में शामिल होंगी। इन बैठकों के दौरान मंत्रालयों की वित्तीय जरूरतों और प्राथमिकताओं पर चर्चा के आधार पर अगले वित्त वर्ष के खर्च का प्रारंभिक ढांचा तैयार होगा। इसके बाद बजट दस्तावेजों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और फरवरी 2027 में संसद के समक्ष केंद्रीय बजट पेश किए जाने की तैयारी पूरी की जाएगी।

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