सारण के बनियापुर थाना क्षेत्र में एक बालिग युवती के शपथ पत्र ने पारिवारिक विवाद को गंभीर मोड़ दे दिया है। युवती ने अपने माता-पिता पर 10 लाख रुपये के लालच में उसकी इच्छा के खिलाफ दूसरी जगह शादी कराने की कोशिश का आरोप लगाया है। युवती ने सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव को शपथ पत्र देकर खुद और अपने पति की सुरक्षा की गुहार लगाई है। साथ ही पति के खिलाफ दर्ज मामले को गलत बताते हुए उसे समाप्त करने की मांग की है।
नोटरी के जरिए शादी का दावा
युवती के आवेदन के अनुसार, उसने अपनी मर्जी से 14 अगस्त को मंटू कुमार तिवारी के साथ नोटरी के माध्यम से विवाह किया था। इसके बाद 26 अगस्त को वह घर छोड़कर अपने पति के साथ चली गई। युवती का दावा है कि वह बालिग है और उसने बिना किसी दबाव के विवाह करने का निर्णय लिया। इसके बावजूद उसके परिवार की ओर से उसकी शादी दूसरी जगह कराने का प्रयास किया जा रहा था।
पति पर दर्ज केस को बताया गलत
शपथ पत्र में युवती ने पति के खिलाफ दर्ज मामले पर भी सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि उसके पति को जानबूझकर मामले में फंसाया गया है। युवती ने आरोप लगाया कि विवाह के बाद से उसे और उसके पति के परिवार को धमकियां मिल रही हैं। उसे आशंका है कि परिवार की ओर से दबाव बनाने के लिए उसके पति या परिवार के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है। इसी को लेकर उसने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
पुलिस खंगाल रही विवाह से जुड़े दस्तावेज
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस युवती के बयान, शपथ पत्र, विवाह से संबंधित दस्तावेज और पति के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है। जांच का अहम बिंदु यह भी है कि युवती ने घर छोड़ने और विवाह का फैसला अपनी स्वतंत्र इच्छा से लिया था या उसके पीछे किसी तरह का दबाव अथवा परिस्थितिजन्य कारण था। फिलहाल युवती द्वारा माता-पिता पर 10 लाख रुपये के लालच में उसकी शादी कराने के लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।