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कुछ नया लाओ।

vimal yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर शख़्स की है यही कहानी कुछ नया लाओ,
        
                                                    
                            
बातें हैं सभी पुरानी अब कुछ नया लाओ।
मेरी आँखों में ही ठहरा कोई दरिया है,
सूखता जो नहीं है पानी कुछ नया लाओ।
उनकी खुशियां रहें सलामत अब,
ऎसी हो रब की मेहरबानी कुछ नया लाओ।
वो नूर हैं उनका सितारों में जिक्र होता है,
अपनी जुगनू सी है कहानी कुछ नया लाओ।
क्यो हर बार जफ़ा आती है मेरे घर तक,
क्यों नहीं मिटती है निशानी कुछ नया लाओ।
वो अहले दिल अहले वफ़ा अहले सनम हैं मेरे,
बस दगाबाज़ है जिंदगानी कुछ नया लाओ।
उनकी हर बात हुक्म है रब का,
मुझको पूजा सी है निभानी कुछ नया लाओ।
अब तो हर शख़्स अजनबी सा है,
दिल की बातें नहीं बतानी कुछ नया लाओ।
viMal


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6 वर्ष पहले
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