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हमारे पाठक ऋषभ की प्रद्युम्न को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि

Rishabh Kumar

Mere Alfaz
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                            उस वक्त, अंकल मुझे छोड़ दो न ! कहकर रोया होगा।
        
                                                    
                            
जरूर, हत्या करने वाले शख्स का ज़मीर सोया होगा।।

आखिर क्यों? कोई ऐसा करता है।
माँ की ममता को छलनी करता है।।

हैरत है कि विद्या के मंदिर में ये सब कैसे हो गया।
एक माँ का छोटा-सा लाल सदा के लिए सो गया।।

- ऋषभ

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