विज्ञापन

बहन दुआएं बरसाती है

Parul Bhaktani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            टीका लगा कर माथे पर, बहन दुआएं बरसाती है,
        
                                                    
                            
हो उम्र कोई भी मन से तो बस प्यार ही लुटाती है।

बचपन से बुढ़ापे तक प्रीत का रंग रहता है पक्का,
भाई-बहन के प्यार पर  दुनिया पलकें बिछाती है।

भुलाए से भी भूलती नहीं वो बचपन की तकरार,
आज भी वो छोटी-छोटी छेड़-छाड़ याद आती है।

भाई की ख़ुशी में रहता  बहन का सारा जहां है,
भाई की लंबी उम्र  के लिए सदा  हाथ उठाती है।
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all