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हे भगवन !

Manoj Kumar

Mere Alfaz
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                            "चलते गए, कहते गए, भगवन के उपासक!
        
                                                    
                            
आना तो उन्हीं का आना है, जो सच्चे हो आराधक!!"

हे भगवन, हे भगवन, हम आए तेरे भवन,
तेरे भवन में हम, भक्ति के गीत गाएंगे.....
पुष्प, नारियल, बेलपत्र, हम तेरे कदमों में चढ़ाएंगे!
हे भगवन, हे भगवन, हम आए तेरे भवन,
तेरे भवन में हम, भक्ति के गीत गाएंगे.....
कोई दूर से, कोई पास से,
कोई दु:ख में, कोई सुख में, तेरे पास आए हैं!
फूल हर रंग के, माला में गूथ के,
आज हम भक्तजन, आपको पहनाने आए हैं!
हे भगवन, हे भगवन, हम आए तेरे भवन,
तेरे भवन में हम, भक्ति के गीत गाएंगे.....
तेरे चरणों में हम, श्रद्धा का दीप जलाएंगे,
हम आरती उतारेंगे, जय-जय पुकारेंगे,
लड्डू और फल का, भोग हम लगाएंगे,
अगर जिंदगी रही तो हम, फिर दोबारा आएंगे!
हे भगवन, हे भगवन, हम आए तेरे भवन,
तेरे भवन में हम, भक्ति के गीत गाएंगे.....

- मनोज कुमार 'अनमोल'
  रतापुर, रायबरेली (उ0प्र0)

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