विज्ञापन

रिश्ते

Manish Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जीवन के दुर्गम रस्ते पर, निपट अकेला चला गया
        
                                                    
                            
गैरों ने भी दिया जख्म और अपनो से भी छला गया।
जीवन है एक मायाजाल,
रिश्तों का इसमें भंवरजाल।
अपनो की परिभाषा है जटिल,
गैरों से अपने ज्यादा कुटिल।
-मनीष पांडे
3 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Chaturvedi

181 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10278 कविताएं

View Profile