विज्ञापन

फौजी भाई

Manish Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            राष्ट्र धर्म निभाएं फौजी,
        
                                                    
                            
सालों घर ना जाएं फौजी,

फौजी का पक्का ईमान
राष्ट्र का रखें हर हाल में मान।

निज सुख का करते परित्याग
अतुलनीय है इनका त्याग।

सदा निभाएं राष्ट्र धर्म,
अनुसरणीय है इनका कर्म।

रणकौशल से भरे हुए हैं
दुश्मन इनसे डरे हुए हैं।

राष्ट्र का गौरव, देश की शान
फौजी रखते, सीमा का ध्यान।
3 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Chaturvedi

181 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10278 कविताएं

View Profile