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चैत का महीना

Manish Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुबह गर सुहानी है,
        
                                                    
                            
रात्रि भी तो रानी है।

जीवन नदियां हैं,
नदियां में रवानी है।

मस्त पवन के झोंके में,
खुशबू वहीं धानी है।

चैत के महीने का,
नहीं कोई सानी है।

नवान्न से सजे खलिहान,
प्रकृति कितनी दानी है।
2 वर्ष पहले
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