विज्ञापन

साथ निभाया है

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कुछ कर गुजरने की तमन्ना है
        
                                                    
                            
रुकना मेरी आदत नहीं
निकल चलती हूं अपने दम पर
देखती मैं कोई बाधा नहीं
उम्मीद तो खुद से ही लगाई है
दूसरों से लगाई गई उम्मीदे कमजोर कर देती है
हालांकि ऎसा नहीं, किसी ने साथ नहीं दिया
कलम और किताब में मेरे कदम-कदम पर,
साथ निभाया है।।
6 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rabindra Aman

118 कविताएं

View Profile