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हमें जी जान लगाकर

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उन्नति की राहों में कठिनाइयों के कांटे बिछे होंगे
        
                                                    
                            
वे मंजिल तक कहां पहुंचे होंगे
जिन्होंने अपने पांव पीछे खींचे होंगे
माना राहे आसान नहीं
लेकिन यहां कौन है जो परेशान नहीं
परेशानियों के आगे ही तो मंजिल दिखे होंगे
हौसलों के आगे मुश्किलों की औकात कहां
जो मुश्किल से टूट जाए वह इंसान कहां
राहों के शूल को फूल बनाने होंगे
हिम्मत और हौसलों से आगे बढने होंगे
मंजिल दूर नहीं खुद को विश्वास दिलाने होंगे
हां,हमें हार नहीं स्वीकारने होंगे
चुनौतियों को चमत्कार में बदलने होंगे
एक बार जोरदार प्रयास करने होंगे
मंजिलों को हमारी बेसब्री से इंतज़ार होंगे
राहों के अंधेरों से हमें दीपक की तरह लड़ने होंगे
हमें अपने जीवन में खुद ही उजाले भरने होंगे
लाख कठिनाइयां हो परवाह नहीं करने होंगे
हमें जी जान लगाकर कोशिश करने होंगे।।
-ममता तिवारी
7 महीने पहले
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