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अपनी तो यही चाहत है

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपनी तो यही चाहत है।
        
                                                    
                            
रंग भर दें दूसरों के जीवन में,
यही तो मेरी राहत है।
हसरत है, यही मेरी,
और कोई इच्छा नहीं।
काम ना आएं दुनिया के,
फिर होने से कोई फायदा नहीं।
केवल जी ले,अपने लिए,
यह कोई कायदा नहीं।
सार्थक जीवन वही होती है।
जो दूसरों के काम आए।
अपने भी कुछ कर्तव्य है।
जो ख़ुशी खुशी हम निभाएं।
दे ना सके, कुछ दुनिया को,
दो शब्द ही अपना देकर जाएं
मानव रूपी जीवन को,
मानवता में लगाएं।
दुनिया के, कुछ तो काम आएं।
अपनी तो यही चाहत है।
रंग भर के, दूसरों के जीवन में,
खुशियां हम बेशुमार पाएं।।...…...
-ममता तिवारी
4 महीने पहले
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