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अमर रहेगा नाम आपका: कविता

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमारे प्यारे अमर वीर भगत सिंह को
        
                                                    
                            
कौन रखेगा याद नहीं
क्या उनका बलिदान हमारे सीने में
चुभता आज नहीं
बेड़ियों में जकड़ी भारत मां के लिए
छोड़ चले अपने सारे सुख
मात्र 23 वर्ष की उम्र में फांसी के
फंदे को लिए चूम
यह वीर युवा भगत सिंह की
कहानी है बड़ी रूहानी
लिखते वक्त आंखों से
झर झर बहता पानी
वो इंकलाब का नारा था
वो गूंजता हुआ हुंकारा था
बम से भी नहीं डरे,
नहीं डरे वे फांसी से
सिर्फ अपनी मातृभूमि को
एक बार दिल से पुकारा था
अमर रहेगा नाम आपका
देश को आपके जाने का बहुत गम है
आपके बलिदानों,शहादतों से ही देश और हम हैं
भारत मां के लिए ही आपको आया जीना
हमारे देश ने खो दिया सबसे बड़ा नगीना।।
-ममता तिवारी
5 महीने पहले
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