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अगर मुझे कुछ माँगना पड़ रहा है, तो तू मेरा भगवान कैसा।

Jasleen Kaur

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अगर मैं कुछ माँगूँ, तो मैं भक्त कैसा,
        
                                                    
                            
अगर मुझे कुछ माँगना पड़ रहा है, तो तू मेरा भगवान कैसा।

मुझे वर नहीं, बस तेरा साथ चाहिए,
न सुख की चाह, न दुःख का संन्यास चाहिए।
जो लिखा है भाग्य में, उसे स्वीकार लूँ,
बस हर मोड़ पर मेरे सिर पर तेरा हाथ चाहिए।

न याचना में सामर्थ्य हो, न प्रार्थना में कोई स्वार्थ रहे,
तेरी इच्छा ही मेरा विधान हो, तेरी रज़ा में परमार्थ रहे।

न मोह रहे मन में, न माया का कोई भार रहे,
तेरे नाम के जाप में ही मेरा सम्पूर्ण संसार रहे।

न अभिलाषाओं की ज़ंजीरें हों, न अहंकार का अंधकार रहे,
मेरे इस जीवन-कारागार में बस तेरा ही प्रकाश रहे।

मैं चाहे किसी भी कण में हूँ, हर क्षण तेरा ध्यान रहे,
मेरी चेतना के कण-कण में तेरा ही गुणगान रहे।

मैं सम्पूर्ण तुम्हारा हूँ, ये भक्त को हर पल ध्यान रहे,
इस जीवन की डोर, भगवान, सदा तुम्हारे हाथ रहे।
एक दिन पहले
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