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व्हाट्सएप का प्यार...

Anonymous User

Mere Alfaz
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                            ये लम्हे इंतज़ार के,
        
                                                    
                            
होते बड़े बेकार के।

और भी बढ़ गया ये इंतज़ार,
जब से मिला whatsapp का प्यार।

Waiting till double blue tick,
फिर मांगना reply की भीख ।

reply में बहाने, कि गए थे खाने,
थक गए, नींद आ रही, जा रहे सोने।

गलती भी उसकी, गुस्सा भी उसका ,
beer तो मेरी but नशा भी उसका ।

सोचा कि बात न करूँगा यदि उसने फिर बोला,
सच मानो, मैंने 10 msg किये जब उसने मुँह खोला ।

बातें भी कैसी? जिसमें बस उसी को problem हो,
और reply हमारी,जैसे हर मर्ज की दवा हमें ही मालूम हो ।

फिर एक दिन पड़ती वो बीमार है ,
तब पता चला,कि मैं कहाँ,उसका एक और भी यार है ।

लेकिन प्यार तो फिर भी ना कम हुआ,
होड़ सी लग गई कि मुझे ज्यादा गम हुआ ।


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एक वर्ष पहले
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