ये लम्हे इंतज़ार के,
होते बड़े बेकार के।
और भी बढ़ गया ये इंतज़ार,
जब से मिला whatsapp का प्यार।
Waiting till double blue tick,
फिर मांगना reply की भीख ।
reply में बहाने, कि गए थे खाने,
थक गए, नींद आ रही, जा रहे सोने।
गलती भी उसकी, गुस्सा भी उसका ,
beer तो मेरी but नशा भी उसका ।
सोचा कि बात न करूँगा यदि उसने फिर बोला,
सच मानो, मैंने 10 msg किये जब उसने मुँह खोला ।
बातें भी कैसी? जिसमें बस उसी को problem हो,
और reply हमारी,जैसे हर मर्ज की दवा हमें ही मालूम हो ।
फिर एक दिन पड़ती वो बीमार है ,
तब पता चला,कि मैं कहाँ,उसका एक और भी यार है ।
लेकिन प्यार तो फिर भी ना कम हुआ,
होड़ सी लग गई कि मुझे ज्यादा गम हुआ ।
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