विज्ञापन

पक्के मोह का ये त्योहार!

Gurjeet Kaur

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भाई बहन चाहे दूर हों,
        
                                                    
                            
मन में रहता स्नेह अपार!
इक दूजे के शुभ की कामना,
करते रहते बारंबार!
रक्षाबंधन प्रेम का बंधन,
और बढ़ाए इनका प्यार!
कच्चे धागों में बंधा है,
पक्के मोह का ये त्योहार!
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all