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पक्के मोह का ये त्योहार!

                
                                                         
                            भाई बहन चाहे दूर हों,
                                                                 
                            
मन में रहता स्नेह अपार!
इक दूजे के शुभ की कामना,
करते रहते बारंबार!
रक्षाबंधन प्रेम का बंधन,
और बढ़ाए इनका प्यार!
कच्चे धागों में बंधा है,
पक्के मोह का ये त्योहार!
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एक घंटा पहले

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