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लौहपुरु सरदार वल्लभ भाई पटेल

Dr Mahesh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लौहपुरु सरदार वल्लभ भाई पटेल
        
                                                    
                            

रियासतों के गहरे षड्यंत्र औऱ खंडित था विश्वास
एक सूत्र में जोड़ा भारत,सरदार पटेल ने रचा इतिहास

शसक्त भारत के स्वप्न को,जिसने दिया आकार
फ़ौलादी इरादों के आगे,हार गया अहंकार

लोहपुरुष के आगे झुक गए, सभी राजा और निज़ाम
अकड़ कर जो खड़े हुए,तो भुगता फिर अंज़ाम

जब ज़हरीले सांपों ने देश को हमारे डसा था
सरदार के फ़ौलादी हाथों ने,शिकंजा उन पर कसा था

देश के कुछ गद्दारों ने जब राष्ट्रपिता के प्राण लिए
नकेल उन पर कसकर,कानूनी प्रहार किए

जूनागढ़ से हैदराबाद तक,बांधी ऐसी डोर
एकता के प्रकाश से,चमका नया भोर

पाँच सौ से भी अधिक रियासत एक सूत्र में बांधी
जिसकी हुंकार से सहमी थी अलगावों की आंधी

गांधी जी से प्रभावित होकर,आज़ादी की राह चुनी
अद्भुत थे जब फ़ौलादी इरादे,सरदार की उपाधि तब मिली

राजनीति के क्षितिज पर,जो बनकर चमके सूर्य
जिनकी हुंकार से गूंज उठा, भारत का रण-तूर्य

राष्ट्र-सुरक्षा की वेदी का,न तोड़ा कभी विश्वास
लोहपुरुष के आगे अब भी झुकता हैं आकाश

संकल्पों का चट्टान थे वो, दृढ़ निश्चय की धार
राष्ट्र के लिए ही जन्मे थे,किया स्वप्न साकार

कठोर निर्णय,स्पष्ट दृष्टि, यही थी उनकी पहचान
लोहपुरुष के पद-चिन्हों पर,हैं गर्वित हिंदुस्तान

मातृभूमि की वेदी पर,अर्पित किया संपूर्ण जीवन
ऐसे भारत-रत्न लोहपुरुष को, हृदय से हैं नमन

सशक्त भारत की नींव रखी,भारत हुआ महान
सरदार वल्लभ भाई पटेल को कोटि कोटि प्रणाम

 
एक महीने पहले
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