विज्ञापन

जीत कर ही आऊंगा

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आगे बढ़ता जाऊंगा
        
                                                    
                            
जीत कर घर आऊंगा
थकेंगे नहीं पांव मेरे
रुकेंगे नहीं पांव मेरे
सर नहीं झुकाऊंगा
तिरंगा नहीं झुकाऊंगा
जीत कर ही आऊंगा
बलिया का नाम
बैरिया का नाम
और आगे ले जाऊंगा
स्वदेश को विकसित बनाऊंगा
जीत कर ही घर मैं आऊंगा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
23 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anita Chaturvedi

181 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10262 कविताएं

View Profile