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देश प्रेम की आग

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            देश प्रेम की आग
        
                                                    
                            
विश्व प्रेम की आग
तेरे अंदर
मेरे अंदर
निरंतर जलनी चाहिए
निरंतर सुलगनी चाहिए
हर हाथ में विकास की मसाल
हर हाथ में आजादी की मसाल
लिए घर से निकलना चाहिए
पैदल ही सही पर निरंतर चलना चाहिए
आग की ज्वाला बन कर जलना चाहिए
हर समस्या का आज हल निकलना चाहिए।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
6 घंटे पहले
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