उम्र के पहले सफर से,
उम्र के अंत तक,
समाज, समाज।
जरूरी है व्यक्ति को समाज सेवा में,
कठिनाइयों में साथ रहता।
समाज मेरे लिए कष्ट नहीं,
कल्याण है,
प्रेम में बंधे व्यक्ति को नकारता।
धन का लोभी है,
उम्र के इरादे भूल कर
उनके मन के व्याधियों को त्याग कर
अपने मन का समाज है।
एक झूठा यह एहसास है,
मेहनत नहीं,
प्रेरणा नहीं,
विवाह का अध्ययन
ये अध्ययन समाज सहता नहीं,
एक तलवार से,
नौकरी से,
तय हो जाता है।
जीवन का कष्ट स्त्री व पुरुष को,
योग्यता को खत्म करे,
अपने प्रिय से दूर,
अत्यधिक नहीं।
समाज के पास,
अपने मन का एहसास
खत्म कर देता है,
ये तीव्र समाज।