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'धुआं' पर कहे गए शेर

दीपाली अग्रवाल

Kavya Charcha
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गुलशन की फ़ज़ा धुआं धुआं है
कहते हैं बहार का समां है
- हबीब जालिब


हद्द-ए-निगाह शाम का मंज़र धुआं धुआं
छाने लगा है ज़ेहन के अंदर धुआं धुआं
- इक़बाल अंजुम

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हर एक शाम का मंज़र धुआं उगलने लगा
वो देखो दूर कहीं आसमां पिघलने लगा
- अमीर इमाम


चराग़ देने लगेगा धुआं न छू लेना
तू मेरा जिस्म कहीं मेरी जां न छू लेना
- इरफ़ान सिद्दीक़ी

अगरचे सख़्त सफ़र है धुआं घना होगा
कहीं कोई तो मिरी राह देखता होगा
- ध्रुव गुप्त


धुआं उड़ाती हुई धीमी धीमी बारिश है
हवा की अंधी सवारी पे अंधी बारिश है
- यासमीन सहर

यादों की राख में हर लम्हा धुआं धुआं है
होंटों पे बिखरा हर इक नग़्मा धुआं धुआं है
- वन्दना भारद्वाज तिवारी 'वाणी'


सहमी सहमी धुआं धुआं यादें
नज़र आती नहीं है राह-ए-विसाल
- महमूद इश्क़ी

सारा आलम धुआं धुआं क्यूं 0है
हर तरफ़ आह और फ़ुग़ां क्यूं है
- अहमद शाहिद ख़ां


चेहरे धुआं धुआं हैं ये आसार देख कर
आईना-ए-ख़ुलूस शरर-बार देख कर
- ख़ुर्शीद सहर

5 वर्ष पहले
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