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मुनीर नियाज़ी: उन से नयन मिला के देखो, ये धोका भी खा के देखो

muneer niyazi famous ghazal unse nayan mila ke dekho ye dhoka bhi kha ke dekho
                
                                                         
                            

उन से नयन मिला के देखो
ये धोका भी खा के देखो

दूरी में क्या भेद छुपा है
इस का खोज लगा के देखो

किसी अकेली शाम की चुप में
गीत पुराने गा के देखो

आज की रात बहुत काली है
सोच के दीप जला के देखो

दिल का घर सुनसान पड़ा है
दुख की धूम मचा के देखो

जाग जाग कर उम्र कटी है
नींद के द्वारे जा के देखो

48 मिनट पहले

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