मिलने से बचता हूँ
सामने पड़ने पर कतराकर निकल जाता हूँ
मन नहीं करता किसी से बात करने का
किसी की बातें सुनने का
लड़ने-झगड़ने का तो बिलकुल ही नहीं
हाँ भाई, आप ही ठीक हैं
अब यहाँ से विदा लें...और पढ़ें
फिरा कर्ण, त्यों 'साधु-साधु' कह उठे सकल नर-नारी,
राजवंश के नेताओं पर पड़ी विपद अति भारी।
द्रोण, भीष्म, अर्जुन, सब फीके, सब हो रहे उदास,
एक सुयोधन बढ़ा, बोलते हुए, 'वीर! शाबाश!'
द्वन्द्व-युद्ध के लिए...और पढ़ें
प्रधानमंत्री मोदी अक्सर अपने भाषणों में देशभक्ति से भरपूर यह कविता पढ़ते हैं। इस गीत को प्रसून जोशी ने लिखा है।
सौगंध मुझे इस मिट्टी की,
मैं देश नहीं मिटने दूंगा,
मैं देश नहीं मिटने दूंगा,
मैं देश नहीं झुकने दूंगा।...और पढ़ें
कौन बचा है जिसके आगे
इन हाथों को नहीं पसारा
यह अनाज जो बदल रक्त में
टहल रहा है तन के कोने-कोने
यह क़मीज़ जो ढाल बनी है
बारिश सर्दी लू में
सब उधार का, माँगा-चाहा
नमक-तेल, हींग-हल्दी तक ...और पढ़ें
इन जंजीरों की चर्चा में कितनों ने निज हाथ बँधाए,
कितनों ने इनको छूने के कारण कारागार बसाए,
इन्हें पकड़ने में कितनों ने लाठी खाई, कोड़े ओड़े,
और इन्हें झटके देने में कितनों ने निज प्राण गँवाए!
किंतु शहीदों की आहों से शापित...और पढ़ें
आओ कि आज ग़ौर करें इस सवाल पर
देखे थे हम ने जो वो हसीं ख़्वाब क्या हुए
दौलत बढ़ी तो मुल्क में अफ़्लास क्यूँ बढ़ा
ख़ुश-हाली-ए-अवाम के अस्बाब क्या हुए
जो अपने साथ साथ चले कू-ए-दार तक
वो दोस्त वो र...और पढ़ें
सुभाष चन्द्र बोस : पढ़िए सुभाष चन्द्र बोस पर गोपाल प्रसाद व्यास द्वारा लिखी गयी दमदार कविता 'खूनी हस्ताक्षर'
वह खून कहो किस मतलब का
जिसमें उबाल का नाम नहीं।
वह खून कहो किस मतलब का
आ सके देश के काम नहीं।...और पढ़ें
हिंदी के प्रसिद्ध कवि कुंवर नारायण का जन्म 19 सितंबर 1927 को फैजाबाद में हुआ जबकि निधन 15 नवंबर 2017 को लखनऊ में हुआ। उनकी जयंती पर उनकी नचिकेता कविता पढ़ें-
असहमति को अवसर दो
सहिष्णुता को आचरण दो
कि बुद्धि सिर ऊंचा...और पढ़ें
वक़्त को आते न जाते न गुज़रते देखा
न उतरते हुए देखा कभी इल्हाम की सूरत
जमा होते हुए इक जगह मगर देखा है
शायद आया था वो ख़्वाबों से दबे पाँव ही
और जब आया ख़यालों को भी एहसास न था
आँख का रंग तुलु होते हुए...और पढ़ें
ऐसे ही किसी क्षण उड़ते हुए भूतपूर्व फूल आये
और कहने लगे हम तितलियां हैं
तब से बाग-बगीचे ढूंढ़ रहा हूं
आत्मा में तितलियों की एक पूरी पाठशाला लिये हुए
एक ओर से आती है मेरी पांच वर्ष की बेटी
दूसरी ओर से चेच...और पढ़ें