हे राधारानी...
हम पर करो ये उपकार
जाकर कहियो श्याम पिया से
कि सुन ले हमारी पुकार।
हे राधारानी...
हम पर करो उपकार,
निस दिन ये नैना श्याम दरस को
यूं ही बरसत जाए।
बीत गई है कितनी रैना
श्याम दरस न पाए,
अब तो जियरा भी कर रहा
इस जीवन को धिक्कार।
हे राधारानी...
हम पर करो ये उपकार,
श्याम दरस कराके हमारो
तार दो यह जीवन हमार।
हे श्याम प्यारी...
हम पर करो ये उपकार,
वृंदावन की कुंज गलिन में
श्याम से मिलन हो जाए हमार,
मैं बन जाऊं मुरली श्याम की
और छेड़ूं मीठी तान।
जनम हमार सफल हो जाई,
ऐसो करो कुछ उपकार।
हे श्याम प्यारी,
हम पर करो उपकार।
~ राकेश धर द्विवेदी
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