फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Agriculture ›   Record increase in agricultural exports despite Corona crisis says Ministry of Agriculture

कोरोना संकट के बावजूद कृषि निर्यात में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी: कृषि मंत्रालय

Sun, 11 Oct 2020 04:51 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 11 Oct 2020 04:51 AM IST
विज्ञापन
Record increase in agricultural exports despite Corona crisis says Ministry of Agriculture
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

कोरोना वायरस महामारी और जून तक चले राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बावजूद भारत के कृषि निर्यात में पिछले छह महीने से तेजी आई है, जबकि अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों को नुकसान उठाना पड़ा है ।

विज्ञापन


अप्रैल से सितंबर, 2020 के बीच आवश्यक कृषि जिंसों का निर्यात 43.4 प्रतिशत बढ़कर 53626.6 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 37397.3 करोड़ रुपये था। आंकड़ों के अनुसार गेहूं निर्यात में 206 प्रतिशत, इसके बाद गैर बासमती चावल में 105 प्रतिशत, रिफाइंड चीनी में 104 प्रतिशत और मूंगफली 35 प्रतिशत दर्ज की गई।
विज्ञापन



कृषि मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2019-20 के अप्रैल-सितंबर अवधि के दौरान कृषि निर्यात 37,397.3 करोड़ रुपये रहा। सितंबर 2020 में, कृषि निर्यात 81.7 प्रतिशत बढ़कर 9,296 करोड़ रुपये हो गया, जो सितंबर 2019 में 5,114 करोड़ रुपये था। अप्रैल-सितंबर 2020 के दौरान व्यापार संतुलन 9002 करोड़ रुपये पर काफी सकारात्मक रहा है, जबकि 2019 में इसी अवधि के दौरान व्यापार घाटा 2133 रुपये था।
विज्ञापन
विज्ञापन


आंकड़ों के अनुसार मूंग निर्यात में पिछले साल 9629.94 मीट्रिक टन की तुलना में इस साल अभी तक 10537 मीट्रिक टन निर्यात दर्ज किया गया है। उड़द दाल का निर्यात 4581 मीट्रिक टन से बढ़कर 8014 मीट्रिक टन हो गया।  प्याज निर्यात 967739 मीट्रिक टन से बढ़कर 1293409 मीट्रिक टन हो गया।  

सितंबर में सरकार ने खुदरा बाजारों में कीमतों में वृद्धि के कारण प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है । सरसों,कोलज़ा बीज आदि का निर्यात 16743 मीट्रिक टन से बढ़कर 27334 मीट्रिक टन हो गया। सोयाबीन निर्यात 34640 मीट्रिक टन से बढ़कर 39838 मीट्रिक टन हो गया।

इसी अवधि में चाय, आलू, अन्य दालों, मूंगफली जैसे खाद्दय वस्तुओं के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है।कृषि मंत्रालय ने दावा किया है कि निर्यात में उछाल नई कृषि निर्यात नीति का नतीजा है, जिसका आगाज 2018 में किया गया था ।

इसके तहत कृषि, बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एपीडा के तत्वावधान में आठ निर्यात संवर्धन मंच स्थापित किए गए हैं। ईपीएफ केले, अंगूर, आम, अनार, प्याज, डेयरी,  बासमती और गैर बासमती चावल पर बनाया जाता है।

इसके अलावा हाल ही में  केंद्र सरकार ने एग्री बिजनेस माहौल को बेहतर बनाने के लिए एग्री इंफ्रा फंड 1 लाख करोड़ रुपये की घोषणा भी की है, जिससे यथासमय एग्री एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिया जा सके।

कृषि मंत्रालय ने एक बयान में कहा, कृषि मंत्रालय ने मूल्य वर्धन पर जोर देते हुए कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कृषि व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में एक व्यापक कार्य योजना भी तैयार की है और आयात प्रतिस्थापन के लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की है ।


इस बीच, सरकार ने जोर देकर कहा है कि हाल ही में पारित तीन कृषि विधेयक, जो किसान बड़ी कंपनियों के उत्पादों के मूल्य निर्धारण पर नियंत्रण पाने के डर से विरोध कर रहे हैं, कृषि की तकदीर बदल देंगे ।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed